झूलों के समुच्चय (समुच्चय सिद्धांत)

Por DAVID E. MCADAMS

Estado: DE 2ª MANO (BUENO)


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Sinopsis

झूलों के समुच्चय (समुच्चय सिद्धांत) बच्चों की स्वाभाविक वर्गीकरण करने की क्षमता का उपयोग करके सेट (समुच्चय) और सेट की सदस्यता का परिचय देती है।सेट्स आधुनिक गणित की बुनियाद हैं। संख्या सिद्धान्त, अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति और कलन-हर जगह सेट्स की भाषा में ही बातें तय होती हैं। सेट्स की परिभाषा, भाषा और संकेतन का शुरुआती परिचय बच्चे को ऊँची गणित के विचार जल्दी और अच्छे से समझने में मदद करता है।सेट की एक परिभाषा: ऐसा समूह/संग्रह जिसमें यह साफ़-साफ़ तय हो कि कोई दी हुई वस्तु उस सेट की सदस्य है या नहीं।’संग्रह’ किसी भी तरह का समूह हो सकता है। ’वस्तु’ कुछ भी हो सकती है-खिलौना, संख्या, या कोई दूसरा सेट भी। ’सदस्यता’ यहाँ सबसे ज़रूरी विचार है: एक अच्छी तरह परिभाषित सेट में हमें हर वस्तु के बारे में निश्चयपूर्वक कहना आना चाहिए कि वह सेट में है या नहीं है।यह पुस्तक शुरुआत में बताती है कि किन-किन वस्तुओं से सेट बन सकते हैं और हर सेट की साफ़ परिभाषा कैसी हो।स्विंग सेट वही समूह है जिसमें एक ही डंडे/रॉड से लटकते हुए झूले हों।झूला वह चीज़ है जो आगे-पीछे झूलती है और जिस पर बच्चे बैठ/झूल सकते हैं।झूलों के समुच्चय (समुच्चय सिद्धांत) बच्चे को यह भी सिखाती है कि सेटों की किसी स्थिति से f सेट B का सदस्य है जैसी गणितीय बात कैसे लिखें और पढ़ें-और कैसे इन्हें शब्दों में बदला जाए।

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